सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों से अपनी बात रखते समय जिम्मेदारी और शालीनता बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, उद्योग और खेल जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की उल्लेखनीय उपलब्धियों के बीच, उनके प्रति अपमानजनक टिप्पणियां समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।
महिलाओं का अपमान करने और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी गतिविधियों की कड़ी निंदा की जा रही है। आलोचकों का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
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