डीएमडीके की नेता प्रेमलता विजयकांत ने विपक्षी नेता उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की आवाज दबाने के लिए की जा रही इस तरह की कार्रवाई पूरी तरह से निंदनीय है।
प्रेमलता ने इस घटना की तुलना ब्रिटिश शासनकाल के दमनकारी कानूनों से करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विचारों का जवाब विचारों से देना ही लोकतंत्र की गरिमा है और गिरफ्तारी को किसी भी समस्या का समाधान नहीं माना जाना चाहिए।
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