तमिलनाडु सरकार ने राज्य की उच्च शिक्षा नीति में बदलाव करते हुए चार वर्षीय स्नातक डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उच्च शिक्षा मंत्री पी. विश्वनाथन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद यह घोषणा की गई। शिक्षाविदों का मानना है कि देश भर के अन्य छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए राज्य के कॉलेजों में इन पाठ्यक्रमों को लागू करना अनिवार्य है।
इसके अतिरिक्त, सरकार ने कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए हैं। इनमें सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए विशेष आरक्षण को 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना, नए इंजीनियरिंग कॉलेजों को मंजूरी देने पर रोक लगाना और शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाना शामिल है। साथ ही, राज्य सरकार विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के चयन के लिए समितियों का पुनर्गठन करेगी और विश्वविद्यालय सिंडिकेट में सरकारी नामित सदस्यों के रूप में प्रख्यात शिक्षाविदों को नियुक्त करेगी।
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