तमिलनाडु सरकार ने राज्य में शराब की बिक्री से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और सामाजिक दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने के लिए 'पर्यावरण और सामाजिक कल्याण उपकर' लगाने का निर्णय लिया है। इस उद्देश्य के लिए सरकार 2006 के तमिलनाडु मूल्य वर्धित कर (VAT) अधिनियम में आवश्यक संशोधन करने जा रही है।
वाणिज्यिक कर और पंजीकरण मंत्री टी. लोकेश तमिलसेल्वन ने बताया कि इस उपकर से प्राप्त राजस्व का उपयोग शराब की बोतलों के पुनर्चक्रण, शराब की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यह राशि पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता अभियानों पर भी खर्च की जाएगी।
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