तमिलनाडु में पिछली द्रमुक सरकार के कार्यकाल के दौरान लगभग 4,000 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। इंडियन सोलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सी. नरसिम्हन के अनुसार, विरुधुनगर में 1,750 मेगावाट की एक सब-स्टेशन परियोजना को मंत्रियों द्वारा बेचे जाने की रिपोर्ट है, जिसके बाद राज्य के अन्य हिस्सों से भी ऐसी ही शिकायतें मिली हैं। वर्तमान सरकार ने इन परियोजनाओं को निलंबित कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रभावित निवेशकों को सरकारी मंजूरी प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सलाह दी गई है।
राज्य सरकार ने पीएम रूफटॉप सोलर योजना के तहत एक लाख नए कनेक्शनों के लिए 22,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने की घोषणा की है। देश भर में इस योजना से 60 लाख परिवार लाभान्वित हुए हैं, जबकि तमिलनाडु में लाभार्थियों की संख्या अभी 50,000 से कम है। सौर पैनल उत्पादन पर नरसिम्हन ने बताया कि भारत में 65 गीगावाट सोलर सेल और 161 गीगावाट सोलर मॉड्यूल बनाने की स्वदेशी क्षमता है। सेल आयात की अनुमति को लेकर कानूनी विवाद के बाद अब आयात फिर से शुरू हो गया है।

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