पीएमके नेता सौम्या अंबुमणि ने मांग की है कि निजी क्षेत्र की कंपनियों में स्थानीय युवाओं के लिए 80 प्रतिशत नौकरियां आरक्षित करने हेतु कानून बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कानून को लागू करने से सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
सौम्या अंबुमणि ने उदाहरण देते हुए बताया कि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में इस तरह के कानून पहले से ही प्रभावी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसी तर्ज पर तमिलनाडु में भी स्थानीय युवाओं के रोजगार के लिए समान नीति अपनाई जानी चाहिए।

