सुप्रीम कोर्ट ने खाद्य पदार्थों के पैकेटों पर अधिक चीनी, नमक और वसा की मात्रा के बारे में चेतावनी को स्पष्ट रूप से सामने की तरफ अंकित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने जोर देकर कहा कि नागरिकों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है और इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
न्यायाधीशों ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार इस आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रहती है, तो अदालत स्वयं हस्तक्षेप कर आवश्यक निर्देश जारी करेगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कॉरपोरेट घरानों के व्यावसायिक हितों की तुलना में भारतीय नागरिकों का स्वास्थ्य उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है।



