प्रख्यात तमिल विद्वान और प्रसिद्ध पट्टिमंद्रम (बहस) संचालक प्रोफेसर सोलोमन पप्पैया का स्वास्थ्य संबंधी कारणों से निधन हो गया है। उनके निधन पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, पीएमके नेता अंबुमणि रामदास, नाम तमिलर काची के समन्वयक सीमान, डीएमडीके महासचिव प्रेमलता विजयकांत, एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरण और टीएमसी अध्यक्ष जीके वासन सहित कई राजनीतिक नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पट्टिमंद्रम को केवल मनोरंजन के बजाय बौद्धिक चर्चा का मंच बनाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
मदुरै के अमेरिकन कॉलेज में तमिल विभाग के प्रोफेसर रहे सोलोमन पप्पैया ने तिरुक्कुरल जैसे महान साहित्यिक ग्रंथों की सरल व्याख्या प्रस्तुत की थी। अपनी हास्यपूर्ण और मर्यादित शैली के लिए वे दुनिया भर के तमिलों के बीच लोकप्रिय थे। वक्ता भारती भास्कर ने उनके निधन पर दुख जताते हुए कहा कि वे एक पिता के समान थे, जिन्हें खोकर वे असहाय महसूस कर रही हैं।
साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें केंद्र सरकार द्वारा पद्मश्री और तमिलनाडु सरकार द्वारा कलाईमामणि पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। राजनीतिक नेताओं ने अपने शोक संदेशों में कहा कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी सोलोमन पप्पैया का जाना तमिल बौद्धिक जगत और कला क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।




