तमिलनाडु सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों को 31 अक्टूबर तक अपनी संपत्ति का विवरण जमा करने का निर्देश दिया है। पीएमके अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे भ्रष्टाचार मिटाने की दिशा में एक प्रयास बताया है। हालांकि, उन्होंने मांग की है कि यह नियम केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित न रहकर मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों पर भी लागू होना चाहिए।
अंबुमणि ने सुझाव दिया कि जन प्रतिनिधियों को हर साल 1 जनवरी को अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए ताकि सामाजिक ऑडिट सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि राजनीति में ईमानदारी होने पर ही प्रशासन से भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने यह भी अनिवार्य करने की मांग की कि यदि किसी जन प्रतिनिधि की संपत्ति में एक निश्चित प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होती है, तो उन्हें जनता के समक्ष इसका स्पष्टीकरण देना चाहिए।



