अमेरिकी संसद में एक नया विधेयक पारित किया गया है, जिसके तहत रूस से कच्चा तेल आयात करने वाले देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रावधान है। भारत सरकार ने इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि यह निर्णय दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
भारत ने स्पष्ट किया है कि देश की 1.4 अरब आबादी की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक बाजार की स्थितियों के अनुसार तेल की खरीद जारी रहेगी। सरकार ने कहा कि अमेरिका का यह रुख वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनावश्यक अस्थिरता पैदा करेगा और भारत किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।




