पट्टाली मक्कल काची (PMK) के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु में किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय औसत 3.20 प्रतिशत की तुलना में तमिलनाडु में यह दर 4.30 प्रतिशत है। उन्होंने मधुमेह, जंक फूड और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली को इस स्थिति के लिए मुख्य कारण बताया।
अंबुमणि ने कहा कि गरीब मरीज निजी अस्पतालों में डायलिसिस का भारी खर्च उठाने में असमर्थ हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। वर्तमान में राज्य के केवल 146 सरकारी अस्पतालों में ही डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है, जो अपर्याप्त है। उन्होंने राज्य सरकार से सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 500 डायलिसिस केंद्र स्थापित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए लगभग 608 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही, उन्होंने सरकार से किडनी की बीमारियों को रोकने के लिए तत्काल जागरूकता अभियान चलाने और खान-पान में सुधार के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है।




