अमेरिका ने कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टाटा, विप्रो, कैपजेमिनी और एचसीएल जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (PERM) से निलंबित कर दिया है। इस निलंबन के कारण अब इन कंपनियों के माध्यम से नए ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन नहीं किए जा सकेंगे। यह रोक तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि इन कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच पूरी नहीं हो जाती।
हालांकि, मौजूदा एच-1बी वीजा धारकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और वे सुरक्षित हैं, लेकिन नई फाइलिंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। एच-1बी वीजा धारकों में 71 प्रतिशत भारतीय हैं, जिसके चलते इस फैसले का सबसे अधिक प्रभाव भारतीय पेशेवरों पर पड़ने की आशंका है।


