दिल्ली में चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले करीब 3,000 लोगों को शनिवार को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इनमें अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनाराई विजयन और माणिक सरकार जैसे प्रमुख नेता शामिल थे। देर रात तक अधिकांश प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया, हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके, यूट्यूबर ध्रुव राठी और दो अन्य अभी भी पुलिस हिरासत में हैं।
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी, जिसके तहत मेट्रो के 45 स्टेशनों के गेट बंद रहे, इंटरनेट सेवाएं बाधित हुईं और 250 से अधिक ट्रेनें रद्द कर दी गईं। पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति न होने का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की।
विपक्ष ने इस कार्रवाई को अघोषित आपातकाल करार दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि वे पीछे नहीं हटेंगे। वहीं, भाजपा ने इसे अराजकता फैलाने का प्रयास बताते हुए कहा कि देश संसद से चलेगा, सड़कों से नहीं। रविवार को भी प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।




