नदियों में उठ रहे झाग के लिए साबुन और शैम्पू के इस्तेमाल को जिम्मेदार ठहराने वाले पर्यावरण मंत्री राजीव के बयान पर पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने कड़ी आपत्ति जताई है। रामदास ने मंत्री की इस व्याख्या को हास्यास्पद करार देते हुए इसकी आलोचना की है।
इससे पहले, मंत्री ने तिरुपुर के कासीपालयम स्थित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया था। वहां उन्होंने दावा किया कि डाई इकाइयों का अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र बेहतर ढंग से काम कर रहा है और उन्होंने डाई मिल मालिकों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया। मंत्री के इस रुख पर सवाल उठाते हुए अंबुमणि रामदास ने पूछा है कि आखिर वे किसके हितों की बात कर रहे हैं।


