डीएमके ने राज्य सरकार द्वारा 1 नवंबर को 'तमिलनाडु दिवस' के रूप में मनाने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि 1 नवंबर का दिन सीमा संघर्ष के शहीदों को समर्पित है, इसलिए इतिहास के साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।
डीएमके ने जोर देकर कहा कि केवल 18 जुलाई ही तमिलनाडु दिवस है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि 18 जुलाई को तमिलनाडु दिवस घोषित करने का उद्देश्य 1 नवंबर के इतिहास को नकारना नहीं था। डीएमके ने कहा कि अन्नादुरई की ऐतिहासिक उपलब्धि किसी एक पार्टी के इतिहास का हिस्सा हो सकती है, लेकिन 'तमिलनाडु' नाम पूरे तमिल समुदाय की साझा विरासत है।


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