द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार द्वारा महंगी दरों पर बिजली खरीदे जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जहां केरल सरकार कम कीमत पर बिजली खरीद रही है, वहीं तमिलनाडु सरकार 35 रुपये से 41.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद रही है। स्टालिन ने इस बात पर हैरानी जताई कि केरल में 12.50 से 14.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद को लेकर विवाद होने के बावजूद तमिलनाडु में इतनी अधिक कीमत क्यों चुकाई जा रही है।
स्टालिन ने केरल का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां एक निजी कंपनी द्वारा 8.645 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली देने की पेशकश को ठुकराने के मामले में केरल राज्य विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष को हटा दिया गया था। उन्होंने पूछा कि जब कम कीमत पर बिजली उपलब्ध होने की संभावना है, तो तमिलनाडु सरकार के लिए यह संभव क्यों नहीं है।
इस मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए स्टालिन ने एक स्वतंत्र और पारदर्शी आयोग से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बिजली मंत्री के नियंत्रण में आने वाला सतर्कता विभाग इस मामले की जांच करता है, तो सच्चाई सामने नहीं आएगी।
