लोकसभा ने बुधवार को सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इस नए कानून का उद्देश्य परीक्षाओं में होने वाली धांधली को रोकना है, जिसके तहत दोषियों को पांच से 10 साल तक की कैद और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अनियमितताओं में शामिल सेवा प्रदाताओं पर अब पांच करोड़ रुपये का जुर्माना और आठ साल का प्रतिबंध लगाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह संशोधन परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि 2024 में मूल कानून लागू होने के बाद से 52 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। नए प्रावधानों के अनुसार, चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर जांच और सुनवाई पूरी करना अनिवार्य होगा।
विधेयक पारित होने के दौरान सदन में भारी हंगामा हुआ। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया, जिसका केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ा विरोध किया और उनसे माफी की मांग की। हंगामे के बीच विधेयक पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
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