PM CARES फंड ने वित्त वर्ष 2022-23 के बाद से अपना कोई भी ऑडिटेड वित्तीय विवरण जारी नहीं किया है। ताजा दस्तावेजों के अभाव में फंड की पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ताओं का कहना है कि हालिया खुलासों की कमी एक गंभीर मुद्दा है। उनका तर्क है कि ऑडिट रिपोर्ट न होने से आम जनता यह नहीं जान पा रही है कि संसाधनों का प्रबंधन किस प्रकार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि अंतिम उपलब्ध आंकड़ों में कोविड-19 राहत कार्यों पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाने का विवरण था, लेकिन उसके बाद से कोई वित्तीय डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया है। हितधारकों द्वारा लगातार अपडेटेड रिपोर्टिंग की मांग के बीच यह फंड जांच के दायरे में है।
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