जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार रात ईंट भट्ठे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों, 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 28 वर्षीय भूपेंद्र भैना की आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। दीपक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने जाति और समुदाय की पहचान करने के बाद ही उन्हें निशाना बनाया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस घटना की निंदा करते हुए इसे क्रूर मानसिकता का परिणाम बताया है।
दीपक रात्रे अपने परिवार का एकमात्र सहारा थे, जिसमें उनकी पत्नी, बेटा, मां और एक दिव्यांग भाई शामिल हैं। भूपेंद्र भैना भी कुछ महीने पहले ही काम की तलाश में वहां गए थे। अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए हमले के बाद, 21 महीनों में प्रवासी मजदूरों पर यह पहला आतंकी हमला है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ समन्वय कर शवों को उनके गृह राज्य लाने के निर्देश दिए हैं।
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