विधानसभा में डीएमके सदस्य एम.आर.के. पनीरसेल्वम द्वारा दिए गए इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है कि डीएमके शासन के दौरान किसानों ने कोई विरोध प्रदर्शन नहीं किया है। उनके इस दावे को विपक्ष ने फिल्मी पटकथा जैसा करार दिया है।
मंत्री रमेश ने पनीरसेल्वम के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वे उन विरोध प्रदर्शनों को भूल गए हैं जो धान भंडारण गोदामों के निर्माण और गन्ने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न जिलों में किसानों द्वारा किए गए थे।

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