पूर्वी एशिया में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जिससे रिकॉर्ड तोड़ तापमान के कारण कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। दक्षिण कोरिया में मिट्टी का तापमान इतना बढ़ गया है कि आलू और तरबूज जैसी फसलें जमीन के अंदर ही सड़ रही हैं। देश में अब तक गर्मी से जुड़ी 31 मौतें दर्ज की गई हैं और 23 लाख से अधिक पशुओं व मछलियों की जान जा चुकी है। 2 अगस्त को यांगसान शहर में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो 1904 के बाद से देश का उच्चतम स्तर है।
जापान ने 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के लिए 'क्रुअली हॉट डे' (बेहद गर्म दिन) की नई श्रेणी शुरू की है, जबकि हांगकांग में 1884 के बाद से अब तक का सबसे अधिक 36.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मानवीय गतिविधियों से प्रेरित ग्लोबल वार्मिंग के बिना ऐसी भीषण गर्मी लगभग असंभव थी। 1991 के बाद से एशिया में तापमान बढ़ने की गति दोगुनी हो गई है। इस संकट को देखते हुए विशेषज्ञ ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती और आपदा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।


