बाली में एक पवित्र हिंदू अनुष्ठान का अपमान करने के आरोप में 26 वर्षीय स्विस निर्माण श्रमिक लुज़ियन एंड्रिन ज़ग्रागेन को एक साल की जेल की सजा सुनाई गई है। ज़ग्रागेन ने बाली के वार्षिक 'डे ऑफ साइलेंस' यानी 'न्येपी' के दौरान प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए अपना वीडियो बनाया और उसे अपशब्दों के साथ इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय बाली समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया था।
न्येपी के दौरान सभी निवासियों और पर्यटकों के लिए 24 घंटे घर के अंदर रहकर मौन, उपवास और ध्यान करना अनिवार्य होता है। इस दौरान द्वीप पर पूर्णतः कामकाज बंद रहता है और इंटरनेट सेवाएं भी ठप कर दी जाती हैं। अदालत में न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी के कृत्य ने बाली के लोगों की भावनाओं को आहत किया है। ज़ग्रागेन ने अदालत में माफी मांगते हुए दावा किया कि वह प्रतिबंधों की गंभीरता को नहीं समझ पाया था और उसका उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। बाली में पर्यटकों के दुर्व्यवहार की बढ़ती घटनाओं के बीच स्थानीय प्रशासन सांस्कृतिक कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कर रहा है।






