चेन्नई में पिछले दो हफ्तों के दौरान चीनी और गुड़ की खुदरा कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है, जिससे त्योहारों के सीजन से पहले आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। वर्तमान में चीनी 65 रुपये और गुड़ 90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि बाजार की यही स्थिति बनी रही, तो साल के अंत तक गुड़ की कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले साल अत्यधिक बारिश से फसल को हुआ नुकसान, खराब मानसून, वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी और जमाखोरी इस मूल्य वृद्धि के मुख्य कारण हैं। वहीं, विपक्षी दलों ने इसके लिए केंद्र सरकार की इथेनॉल नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। इसके अलावा, ब्राउन शुगर, बादाम और चावल जैसी अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए हैं।
महंगाई का सीधा असर मिठाई की दुकानों और खानपान (कैटरिंग) व्यवसाय पर पड़ा है, जिससे उन्हें अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कैटरर उमा कृष्णस्वामी ने बताया कि व्यवसायियों के सामने या तो लागत का बोझ खुद उठाने या ग्राहकों पर बोझ डालकर उन्हें खोने का कठिन विकल्प है।


