प्राकृतिक संसाधन मंत्री प्रभु ने घोषणा की है कि राज्य के भूविज्ञान और खनन निदेशालय में एक राज्य स्तरीय खनन नियंत्रण और निगरानी केंद्र स्थापित किया जाएगा। दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखना है।
यह केंद्र आधुनिक तकनीक से लैस होगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उन्नत प्रणालियों का उपयोग करके सभी खनन कार्यों की वास्तविक समय (रियल-टाइम) में निगरानी की जाएगी। इस दौरान मंत्री प्रभु ने पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान गायब हुए पहाड़ों की सूची भी जारी की।



