तिब्बत सीमा से सटे नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। तिमुरे और स्याप्रु बेसी इलाकों में बाढ़ के कारण बुनियादी ढांचे, वाहनों और बस्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस आपदा में कई पुलिस प्रतिष्ठान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और सशस्त्र पुलिस बल के नौ जवान लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ के कारण जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बचाव कार्यों के समन्वय के लिए एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। राहत और बचाव कार्य में नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को तैनात किया गया है, साथ ही दो सैन्य हेलीकॉप्टरों की मदद भी ली जा रही है। प्रशासन ने भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है, क्योंकि बाढ़ का पानी नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन की ओर बढ़ रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह बाढ़ स्थानीय बारिश के कारण नहीं आई है। हालांकि ग्लेशियर झील के फटने की संभावना की जांच की जा रही है, लेकिन उपग्रह चित्रों से संकेत मिलता है कि सीमा के तिब्बती हिस्से में भारी वर्षा हुई थी। इस स्थिति को देखते हुए पड़ोसी भारतीय राज्यों और चीनी दूतावास ने भी आपातकालीन निगरानी और प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए हैं।



