विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने नेपाल में हुई घटना को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को सरकार के संज्ञान में लाने के बावजूद कोई उचित जवाब नहीं मिला है। उदयनिधि ने सवाल किया कि यदि सरकार बिना विपक्ष की बात सुने खुद ही जवाब तय कर लेती है, तो फिर विपक्ष के लिए विधानसभा में आने का क्या औचित्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सरकार की आलोचना करना नहीं, बल्कि मामले की गंभीरता की ओर ध्यान आकर्षित करना है।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने जवाब देते हुए कहा कि करूर की घटना के समय भी मुख्यमंत्री के बयान के बाद ही सवालों के जवाब देने की परंपरा का पालन किया गया था। अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि सरकार द्वारा पूरी जानकारी साझा किए जाने के बाद विपक्ष अपनी बात रख सकता है, इसमें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।


