विधानसभा में मंत्री विग्नेश ने आरोप लगाया कि TASMAC शराब की बोतलों पर 10 रुपये अतिरिक्त शुल्क वसूलने की प्रक्रिया के लिए DMK सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पहले कर्मचारी 5 रुपये लेते थे, लेकिन DMK सरकार ने ही इसे बढ़ाकर 10 रुपये करने का आदेश दिया था।
मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि DMK शासन के दौरान TASMAC दुकानों का बिजली बिल और किराया समय पर नहीं चुकाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि दुकानों में कौन से ब्रांड बेचे जाएंगे, इसका निर्णय भी सत्ताधारी दल के लोग ही करते थे। साथ ही, उन्होंने सवाल उठाया कि इन दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
