तमिलनाडु विधानसभा में मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि राज्य में शराबबंदी को एक दिन में लागू किया जा सकता है, लेकिन इसके कार्यान्वयन में कई व्यावहारिक चुनौतियां हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जो लोग कभी-कभी शराब का सेवन करते थे, वे अब इसके आदी होकर गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं, और इस स्थिति को बदलना अत्यंत आवश्यक है।
मंत्री ने बताया कि शराब की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास के लिए केंद्रों की स्थापना जरूरी है, लेकिन इसे तत्काल शुरू नहीं किया जा सकता क्योंकि इसके लिए डॉक्टरों, सलाहकारों और मनोवैज्ञानिकों की विशेषज्ञता की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार एड्स जागरूकता अभियान की तर्ज पर शराब के खिलाफ एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चला रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही देखने को मिलेंगे।
