नेपाल के रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना की सुरंग में लापता हुए 93 श्रमिकों का पता लगाने के लिए चलाया गया तलाशी अभियान फिलहाल विफल रहा है। भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद बचाव दल सुरंग के अंतिम छोर तक पहुंचे, लेकिन वहां कोई जीवित व्यक्ति या शव नहीं मिला। बचावकर्मी मनीष महर्जन के अनुसार, बाढ़ की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सुरंग में शरण लेने वाले श्रमिक मलबे में दब गए होंगे।
यह अभियान रसुवा और नुवाकोट जिलों की 11 जलविद्युत परियोजनाओं में लापता हुए 933 श्रमिकों को खोजने के व्यापक मिशन का हिस्सा है। करीब 10,000 नेपाली सैनिक, भारत और चीन के विशेषज्ञों के साथ मिलकर मलबे को हटाने के लिए खुदाई मशीनों और नियंत्रित विस्फोटों का उपयोग कर रहे हैं। 26 अगस्त को ग्लेशियर फटने से आई बाढ़ के कारण अब तक 900 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और लगभग 5,000 लोग लापता हैं। वर्तमान में प्रशासन अपर त्रिशूली कॉम्प्लेक्स सहित पांच प्रमुख स्थलों पर बचाव कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है, जहां करीब 350 लोगों के फंसे होने की आशंका है।



