केंद्र सरकार ने चीनी की बढ़ती खुदरा कीमतों पर लगाम लगाने और जमाखोरी रोकने के लिए डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी है। यह नया नियम 15 सितंबर से 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्रों के लिए विशेष आपूर्ति श्रृंखला आवश्यकताओं के कारण वहां 4,000 क्विंटल की पुरानी सीमा ही लागू रहेगी। नए नियमों के तहत डीलर अब 30 दिनों से अधिक समय तक स्टॉक नहीं रख सकेंगे।
31 अगस्त तक देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 63.28 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37 प्रतिशत अधिक है। सरकार का कहना है कि देश में वार्षिक मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, लेकिन 2025-26 विपणन वर्ष के लिए उत्पादन अनुमान को 343 लाख टन से घटाकर 306 लाख टन कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मिलों द्वारा कीमतों में की गई बढ़ोतरी के कारण यह नियामक हस्तक्षेप आवश्यक हो गया है ताकि देश भर में चीनी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।





