जी समूह के संस्थापक सुभाष चंद्रा के 22,000 करोड़ रुपये के बैंक कर्ज को माफ करने के फैसले पर रोक लगा दी गई है। कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) की तीन सदस्यीय पीठ द्वारा दिए गए इस कर्ज माफी के आदेश को चुनौती दी गई थी।
इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधिकरण की पांच सदस्यीय पीठ ने कर्ज माफी के फैसले पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।




