नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर फटने से आई भीषण बाढ़ के कारण नेपाल में मरने वालों की संख्या 939 तक पहुंच गई है, जबकि 3,925 लोग अभी भी लापता हैं। सोमवार को राहत और बचाव कार्य का छठा दिन रहा। इस आपदा से तिब्बत भी प्रभावित हुआ है, जहां 16 लोगों की मौत हुई है और 546 लोग लापता हैं। इस प्रकार, कुल क्षेत्रीय मृत्यु का आंकड़ा 955 हो गया है और 4,471 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से फोरेंसिक उपकरण, डीएनए टेस्टिंग किट और भारी बचाव मशीनरी की तत्काल सहायता मांगी है। विदेश सचिव अमृत बहादुर राय ने बताया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए अज्ञात शवों का प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार किया जा रहा है। चीन ने 22 लाख डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान की है, हालांकि उसने तिब्बत में अपनी जलविद्युत परियोजनाओं के कारण आपदा आने के दावों को खारिज कर दिया है।
बाढ़ में 39 देशों के 590 विदेशी नागरिक भी लापता हैं। भारतीय दूतावास और विभिन्न राज्य सरकारें नेपाली अधिकारियों के साथ समन्वय कर फंसे हुए भारतीयों की तलाश और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में जुटी हैं। भारत की फोरेंसिक टीमें पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए विश्लेषण में भी मदद कर रही हैं।


