वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़कर 81.36 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित स्तर पर पहुंच गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल-जून की अवधि में नाममात्र जीडीपी 10.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 88.27 लाख करोड़ रुपये रही। इस दौरान निवेश गतिविधियों में तेजी देखी गई और सकल अचल पूंजी निर्माण में स्थिर कीमतों पर 11.9 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया।
तृतीयक क्षेत्र विकास का मुख्य चालक रहा, जिसमें 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सेवा उत्पादन सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, जून में 19 में से 18 उप-क्षेत्रों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। इसमें रियल एस्टेट क्षेत्र 24.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा, जिसके बाद खुदरा, थोक व्यापार और आईटी सेवाओं का स्थान रहा।
ये आंकड़े जीडीपी गणना पद्धति में किए गए बदलावों को दर्शाते हैं, जिसमें नया आधार वर्ष अपनाना और कुछ घटकों के लिए उत्पादक मूल्य सूचकांक का उपयोग शामिल है। इस बदलाव के कारण वित्त वर्ष 2023 से 2026 तक की विकास दरों और जीडीपी स्तरों में ऊपर की ओर संशोधन किया गया है।




