आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग यह मानते हैं कि भारत में मुसलमानों के लिए कोई जगह नहीं है या उन्हें बाहर निकाला जाना चाहिए, वे सच्चे हिंदू नहीं हो सकते।
भागवत ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि भारत ने हमेशा उन समुदायों को शरण दी है जिन्हें कहीं और सुरक्षा नहीं मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू धर्म की समावेशी प्रकृति किसी को बाहर निकालने की अनुमति नहीं देती।

