भारतीय सेना के एविएशन पायलटों ने नन कुन पर्वत श्रृंखला के पास 18,600 फीट की ऊंचाई पर एक चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। तेज हवाओं और लैंडिंग के लिए जगह न होने जैसी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पायलटों ने एक घायल व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला।
इस कठिन मिशन को पूरा करने के लिए चालक दल ने हेलीकॉप्टर का वजन कम करने हेतु गैर-जरूरी उपकरणों को हटा दिया और केवल सीमित मात्रा में ईंधन रखा। इस रणनीतिक निर्णय के कारण विमान को अत्यधिक ऊंचाई वाले दुर्गम इलाके में सुरक्षित रूप से संचालित करना संभव हो सका।


