भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 4 सितंबर को तड़के 02:55 बजे श्रीहरिकोटा से EOS-05 पृथ्वी अवलोकन उपग्रह लॉन्च करेगा। GSLV F17 रॉकेट के जरिए होने वाला यह मिशन जनवरी में PSLV-C62 मिशन की विफलता के बाद सात महीने के अंतराल के बाद इसरो के लॉन्च अभियानों की फिर से शुरुआत है।
GISAT-1A के नाम से भी जाना जाने वाला EOS-05 उपग्रह प्राकृतिक आपदाओं, कृषि और वानिकी की निगरानी के लिए बड़े क्षेत्रों की निरंतर तस्वीरें लेने में सक्षम है। अन्य पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों के विपरीत, इसे भू-स्थिर कक्षा (geosynchronous orbit) में स्थापित किया जाएगा।
वर्ष 2025 और 2026 के बीच कई मिशनों में तकनीकी खामियों के बाद इसरो की गतिविधियां धीमी हो गई थीं। जनवरी में विफल रहे मिशन का कारण रॉकेट का तीसरा चरण था, हालांकि इस मामले की जांच करने वाली समिति की रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।



