तमिलनाडु विधानसभा में मंत्री निर्मल कुमार ने आरोप लगाया है कि यदि तत्कालीन मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि चाहते तो कच्चातिवु द्वीप को सौंपे जाने से रोका जा सकता था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री बी.सी. रॉय ने जब केंद्र सरकार बेरूबारी द्वीप को पूर्वी पाकिस्तान को सौंपने का प्रयास कर रही थी, तब सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर उस निर्णय को रुकवा दिया था।
मंत्री ने दावा किया कि कच्चातिवु को सौंपने का निर्णय करुणानिधि की सहमति से लिया गया था और इस विषय पर उनसे दो बार व्यक्तिगत चर्चा की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल सिंह के साथ बातचीत के दौरान कानूनी मामलों का डर दिखाकर करुणानिधि को दबाव में लाया गया, जिसके बाद उन्होंने चुपचाप इस समझौते के लिए अपनी मंजूरी दे दी।
