तमिलनाडु के 52 प्रमुख मंदिरों में मोबाइल फोन ले जाने पर लगी पाबंदी से गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों के साथ आने वाले अभिभावकों और दिव्यांगों को छूट दी गई है। राज्य के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती मंत्री रमेश ने यह घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिरों के भीतर 'रील्स' बनाने की बढ़ती संस्कृति पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से ही यह प्रतिबंध लागू किया गया था।
मंदिरों के बाहर मोबाइल सुरक्षित रखने के लिए लिए जाने वाले 5 रुपये के शुल्क को लेकर हो रही आलोचनाओं पर भी मंत्री ने सफाई दी। उन्होंने बताया कि यह राशि मंदिर कर्मचारियों के वेतन और 'अन्नदानम' योजना के लिए उपयोग की जाती है। गौरतलब है कि मदुरै मीनाक्षी अम्मन मंदिर सहित कुछ स्थानों पर पहले से लागू इस प्रतिबंध को अब 52 मंदिरों तक विस्तारित किया गया है, जिसके बाद सरकार ने कुछ विशेष वर्गों को राहत देने का निर्णय लिया है।

