तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय ने मद्रास उच्च न्यायालय में तमिल को कामकाज और आधिकारिक भाषा के रूप में लागू करने के लिए एक विशेष प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य अदालती फैसलों, आदेशों और अन्य कानूनी निर्देशों को अनिवार्य रूप से तमिल भाषा में जारी करना सुनिश्चित करना है।
प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिल केवल एक भाषा नहीं, बल्कि लोगों के जीवन और भावनाओं से जुड़ी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिल पहले से ही प्रशासन, शिक्षा और जिला अदालतों में उपयोग की जा रही है और कानून भी विशिष्ट प्रशासनिक कार्यों के लिए इसके उपयोग की अनुमति देता है। इस प्रस्ताव के माध्यम से अब उच्च न्यायालय में भी तमिल को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।

