4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान के दौरान 36,000 फीट की ऊंचाई पर विमान की तीनों हाइड्रोलिक प्रणालियों का दबाव अचानक खत्म हो गया। इस तकनीकी खराबी के कारण ऑटोपायलट बंद हो गया और विमान में अचानक हलचल होने से 24 यात्री घायल हो गए। हालांकि, चालक दल ने करीब 90 मिनट बाद विमान को दिल्ली में सुरक्षित उतार लिया।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान के बाद पायलट-इन-कमांड का नशीले पदार्थों के लिए किया गया परीक्षण पॉजिटिव आया है, जिसकी पुष्टि बाद में रक्त जांच से भी हुई। वहीं, सह-पायलट की रिपोर्ट नेगेटिव रही। ब्यूरो ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से इस मामले में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
जांचकर्ता विमान के रखरखाव इतिहास की समीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि उड़ान के समय विमान में पावर ट्रांसफर यूनिट से संबंधित एक तकनीकी खराबी पहले से दर्ज थी। एयरबस और फ्रांस की BEA की तकनीकी टीमें विमान का निरीक्षण कर चुकी हैं और हाइड्रोलिक घटकों तथा फ्लाइट रिकॉर्डर डेटा का विस्तृत विश्लेषण जारी है।



