डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने पार्टी के प्रधान सचिव के.एन. नेहरू के खिलाफ की गई छापेमारी को पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन है और विधानसभा का सत्र भी चल रहा है। स्टालिन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है।
स्टालिन ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता सब जानती है कि कैसे अन्य दलों के विधायकों को इस्तीफा दिलाकर उन्हें अपनी पार्टी में शामिल किया गया और विधानसभा परिसर में ही खरीद-फरोख्त की गई, जबकि भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने इन शिकायतों पर प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की। उन्होंने स्पष्ट किया कि के.एन. नेहरू और डीएमके इस तरह की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और वे कानूनी रूप से इसका सामना कर जीत हासिल करेंगे।


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