तिरुवन्नामलाई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के विधायक ने डीएमके और एआईएडीएमके पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि एआईएडीएमके को सत्ता में लाने के लिए उनसे समर्थन मांगा गया था, लेकिन वैचारिक मतभेदों के कारण उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
विधायक ने आगे कहा कि उन्हें भारी धनराशि और गृह मंत्री का पद देने का प्रलोभन भी दिया गया था। हालांकि, उन्होंने इन प्रस्तावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उनके लिए सिद्धांतों का महत्व सर्वोपरि है। इसी कारण उन्होंने इन दलों से दूरी बनाकर तमिलनाडु वेत्री कड़गम (TVK) के साथ गठबंधन करने का निर्णय लिया।


