अभिनेता विजय ने डीएमके पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जो लोग जनता के फैसले को स्वीकार नहीं करते, उन्हें राजनीति में रहने की क्या आवश्यकता है। उन्होंने कवि कन्नदासन द्वारा डीएमके के संदर्भ में कही गई बातों का उल्लेख करते हुए पार्टी की कड़ी आलोचना की।
विजय ने डीएमके पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह पार्टी झूठ बोलने, रिश्वत लेने और पैसे बांटने की आदी हो चुकी है। इसके अलावा, विधानसभा में पुलिस सुरक्षा के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है।

