पूर्व मंत्री एस.पी. वेलुमणि के खिलाफ टेंडर घोटाले मामले में दो आईएएस अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति देने में हो रही देरी पर मद्रास उच्च न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायमूर्ति एन. आनंद वेंकटेश की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि मामला अभी विचाराधीन है।
न्यायाधीश ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में अनुमति लेने के लिए अदालत को इतना दबाव बनाना पड़ रहा है, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रभावशाली लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करना बेहद कठिन है। जब अनुमति मिलने में ही इतनी जटिलताएं हैं, तो मामले का भविष्य क्या होगा, यह भगवान ही जानता है।
अदालत ने इस मामले में स्पष्टीकरण देने के लिए केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अवर सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर के लिए निर्धारित की गई है।




