अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए भीषण आतंकी हमलों की आज 25वीं बरसी है। 19 आतंकवादियों द्वारा विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, पेंटागन और पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविले में दुर्घटनाग्रस्त करने की इस घटना में 2,977 लोगों की जान गई थी। इस त्रासदी ने वैश्विक सुरक्षा और नागरिक स्वतंत्रता के परिदृश्य को हमेशा के लिए बदल दिया और इसके बाद अफगानिस्तान तथा इराक में अमेरिका के नेतृत्व में आतंकवाद विरोधी युद्ध की शुरुआत हुई।
हमलों के मुख्य साजिशकर्ता ओसामा बिन लादेन की तलाश एक दशक तक चली, जिसके बाद 2011 में बराक ओबामा के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान के एबटाबाद में उसे मार गिराया गया। हालांकि, इस साजिश के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अभी भी जारी है और उसका मुकदमा 2028 के लिए निर्धारित है। इसके अलावा, कई सहयोगी अभी भी अमेरिकी सैन्य जेलों में बंद हैं।
घटना के 25 साल बाद भी दुनिया आतंकवाद के बदलते स्वरूप से जूझ रही है। अल-कायदा का प्रभाव कम होने के बावजूद आईएसआईएस और बोको हराम जैसे नए और अधिक खतरनाक संगठनों के उदय ने वैश्विक अस्थिरता को बढ़ा दिया है। इन समूहों का अस्तित्व आतंकवाद के खिलाफ जारी संघर्ष की जटिल चुनौतियों को रेखांकित करता है।



