तमिलनाडु वेत्री कड़गम के मंत्री रमेश ने डीएमके पर राजनीति में अभद्र भाषा, मानहानि और धमकी का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के पूर्व मंत्री पद की गरिमा को भूलकर सार्वजनिक जीवन की न्यूनतम शालीनता को ताक पर रख रहे हैं। रमेश ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि पूर्व मंत्री का व्यवहार एक तीसरे दर्जे के राजनीतिक वक्ता जैसा है।
रमेश ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी धमकियों से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि वे स्तरहीन भाषा का जवाब उसी स्तर पर नहीं देंगे, लेकिन डीएमके को यह याद रखना चाहिए कि हर क्रिया की समान प्रतिक्रिया होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डीएमके नेताओं ने अपनी भाषा पर नियंत्रण नहीं रखा, तो उन्हें उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा। रमेश ने जोर देकर कहा कि राजनीतिक आलोचना का स्वागत है, लेकिन मानहानि और धमकियों को राजनीति मानने वालों को चुनावी मैदान में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।


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