मंत्री रमेश ने सवाल उठाया है कि क्या आम रास्ते पर जनता के साथ चलना अपमानजनक है। तिरुचिरापल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पूर्व मंत्री शेखर बाबू के मंदिर दर्शन के संदर्भ में यह टिप्पणी की।
मंत्री ने कहा कि अधिकारियों की नियुक्ति जनसेवा के लिए की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं भी जब मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं, तो वीआईपी कतार का उपयोग नहीं करते हैं। उन्होंने पूर्व मंत्री से पूछा कि क्या आम लोगों के साथ मिलकर दर्शन करना उन्हें अपमानजनक लगता है।
