करूर सरकारी अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली दवाओं के कवर पर हिंदी भाषा में जानकारी छपी होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने स्पष्ट किया कि ये कवर केंद्रीय जेल से प्राप्त किए जाते हैं और कोयंबटूर की चिंतामणि सहकारी संस्था को तीन साल पहले ही हिंदी में छपाई की अनुमति दी गई थी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में द्रमुक शासन के दौरान इरोड जिला प्रिंटिंग उद्योग सहकारी संघ के माध्यम से 4 लाख कवर छापने का आदेश दिया गया था।
मंत्री अरुणराज ने सवाल उठाया कि जब ये कवर द्रमुक शासन के दौरान चलन में आए थे, तो अब त.वे.क. (TVK) सरकार पर आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं। मामला संज्ञान में आते ही करूर और कोयंबटूर में इन कवरों का वितरण रोक दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में मरीजों को दी जाने वाली दवाओं के कवर पर जानकारी केवल तमिल भाषा में ही मुद्रित की जाएगी।

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