भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मु. वीरपांडियन ने उपचुनाव के परिणामों को स्वीकार करते हुए कहा कि ये नतीजे पहले से ही अपेक्षित थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव प्रक्रिया में जाति, धर्म और धन का प्रभाव नहीं होना चाहिए।
वीरपांडियन ने दावा किया कि पार्टी को मिले वोट पूरी तरह से निष्पक्ष हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वामपंथी दलों की ताकत को केवल विधानसभा में सीटों की संख्या से नहीं मापा जा सकता। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि वामपंथ का न तो अंत हो सकता है और न ही इसे कभी हार का सामना करना पड़ता है।
