भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'इंडिया' गठबंधन के उस अनुरोध को ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने से पहले मुलाकात की मांग की थी। मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दे फिलहाल अदालत में विचाराधीन हैं, इसलिए उन्हें प्रशासनिक बैठकों के बजाय औपचारिक याचिका दायर करनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अदालत राजनीतिक दलों के साथ बैठकों के माध्यम से नहीं, बल्कि न्यायिक फैसलों के जरिए काम करती है।
विपक्षी गठबंधन मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसके अलावा, वे मतपत्रों (पेपर बैलेट) की वापसी और हालिया विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग पर भी अड़े हैं। विपक्षी नेता राहुल गांधी ने इस विरोध को किसी एक दल का नहीं, बल्कि सभी नागरिकों का आंदोलन बताया है।
इस बीच, सप्ताहांत में हुई पुलिस हिरासत के बाद रविवार को दिल्ली और मुंबई में विरोध प्रदर्शन जारी रहे। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के व्यवहार और मौलिक अधिकारों के हनन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। वहीं, भाजपा ने विपक्ष के इस रुख की आलोचना करते हुए कहा है कि राजनीतिक शिकायतों का समाधान स्थापित कानूनी और चुनावी प्रक्रियाओं के माध्यम से ही किया जाना चाहिए।





